झारखण्ड की जनजातियाँ (Jharkhand Ki Janjatiyan)
- पुस्तक का नाम: झारखण्ड की जनजातियाँ (Jharkhand Ki Janjatiyan)
- लेखक: डॉ. विमला चरण शर्मा
- भाषा: हिंदी
- विषय: झारखंड की जनजातियाँ, आदिवासी संस्कृति एवं समाज
- पृष्ठ संख्या: लगभग 504 पृष्ठ
- पुस्तक का प्रकार: संदर्भ ग्रंथ / शैक्षणिक पुस्तक
- प्रमुख विषय-वस्तु:
- झारखंड की प्रमुख जनजातियों का परिचय
- जनजातीय इतिहास एवं उत्पत्ति
- सामाजिक एवं पारिवारिक संरचना
- परंपराएँ, रीति-रिवाज एवं लोकाचार
- धार्मिक मान्यताएँ एवं त्योहार
- लोककला, लोकसंगीत एवं सांस्कृतिक विरासत
- आर्थिक जीवन एवं आजीविका
- जनजातीय विकास एवं समकालीन चुनौतियाँ
- उपयोगिता:
- प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी
- शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों हेतु संदर्भ सामग्री
- जनजातीय अध्ययन एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयुक्त
- क्षेत्र: झारखंड
- फॉर्मेट: PDF / प्रिंट संस्करण उपलब्ध
झारखण्ड की जनजातियाँ (Jharkhand Ki Janjatiyan) डॉ. विमला चरण शर्मा द्वारा लिखित झारखंड की आदिवासी जनजातियों पर आधारित एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ है। यह पुस्तक झारखंड की विभिन्न जनजातियों के इतिहास, संस्कृति, सामाजिक जीवन, परंपराओं, रीति-रिवाजों, धर्म, लोककला और आर्थिक स्थिति का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करती है। पुस्तक में संथाल, मुंडा, उरांव, हो, बिरहोर, असुर, पहाड़िया सहित अनेक जनजातीय समुदायों की विशेषताओं का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों तथा जनजातीय अध्ययन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। पुस्तक का प्रकाशन 2014 में हुआ था तथा इसमें लगभग 504 पृष्ठ हैं।






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